भारतीय राजनीतिक संरचना

भारत राज्यों का संघ है धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य इसमें शासन की संसदीय प्रणाली है गणराज्य 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा स्वीकृत और 26 जनवरी 1950 को लागू संविधान की व्यवस्थाओं के अनुसार प्रशासित होता है।

संसदीय भारत के संविधान का ढांचा एकात्मक विशेषताओं के साथ साथ संघीय भी है। भारत के राष्ट्रपति केंद्र की कार्यपालिका के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। संविधान का अनुच्छेद 74 (1) यह निर्दिष्ट करता है की कार्य संचालन में राष्ट्रपति की सहायता करने तथा उन्हें सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रिपरिषद होगी तथा राष्ट्रपति उसके परामर्श से ही कार्य करेंगे इस तरह कार्यपालिका की वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गठित मंत्रिपरिषद में निहित होती है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई है‚ इसी प्रकार राज्य में राज्यपाल की स्थिति कार्यपालिका के प्रधान की होती है‚ परंतु वास्तविक शक्ति मुख्यमन्त्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद में होती है। किसी राज्य की मंत्रिपरिषद सामूहिक रुप से उस राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदाई होती है।

Indian Political Structure
भारतीय राजनीतिक संरचना

संविधान में विधाई शक्तियां संसद एवं राज्य विधानसभाओं में विभाजित की गई है। तथा शेष शक्तियां संसद को प्राप्त हैं। संविधान में संशोधन का अधिकार भी संसद को ही प्राप्त है। संविधान में न्यायपालिका‚ भारत के नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक‚ लोक सेवा आयोग और मुख्य निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रावधान है।

केंद्र और उसके क्षेत्र भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं यह राज्य हैं: आंध्र प्रदेश, असम, अरुणाचल  प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल केंद्र शासित प्रदेश हैं:-  अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, लक्ष्यदीप तथा पुदुच्चेरी

नागरिकता:  संविधान में संपूर्ण भारत के लिए एक समान नागरिकता की व्यवस्था की गई है। ऐसा प्रत्येक व्यक्ति भारत का नागरिक माना जाएगा जो संविधान के लागू होने के दिन यानी 26 जनवरी 1950 को भारत में स्थाई रूप से रहता हो और जो भारत में पैदा हुआ हो, अथवा जिसके माता पिता में से एक भारत में पैदा हुआ हो, जो सामान्यतया कम से कम 5 वर्ष से भारतीय क्षेत्र में रहा हो। नागरिकता अधिनियम 1955 में संविधान लागू होने के पश्चात नागरिकता ग्रहण करने निर्धारित करने तथा समाप्त करने के संबंध में प्रावधान किए गए हैं।

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